Class 8 NCERT Sanskrit Ruchira Part 3 Chapter 1 Subhashitani

CLASS – 8 SANSKRIT RUCHIRA PART – 3 CHAPTER – 1 SUBHASHITANI | HINDI TRANSLATION | QUESTION ANSWER | कक्षा – 8 संस्कृत रुचिरा भाग – 3 प्रथम: पाठः सुभाषितानि | हिन्दी अनुवाद | अभ्यासः

Class 8 NCERT Sanskrit Ruchira Part 3 Chapter 1 Subhashitani

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प्रथम: पाठ:

सुभाषितानि

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Class 8 NCERT Sanskrit Ruchira Part 3 Chapter 1 Subhashitani

( हिन्दी अनुवाद )

( ‘सुभाषित’ शब्द ‘सु + भाषित’ इन दो शब्दों के मेल से सम्पन्न होता है। सु का अर्थ सुन्दर, मधुर तथा भाषित का अर्थ वचन है। इस तरह सुभाषित का अर्थ सुन्दर/मधुर वचन है। प्रस्तुत पाठ में सूक्तिमञ्जरी, नीतिशतकम्, मनुस्मृतिः, शिशुपालवधम्, पञ्चतन्त्रम् से रोचक और विचारपरक श्लोकों को संगृहीत किया गया है। )

Class 8 Sanskrit Chapter 1

(क) गुणा गुणज्ञेषु गुणा भवन्ति

ते निर्गुणं प्राप्य भवन्ति दोषाः।

सुस्वादुतोयाः प्रभवन्ति नद्यः

समुद्रमासाद्य भवन्त्यपेयाः॥1॥

अन्वयः –

गुणा गुणज्ञेषु गुणा भवन्ति । ते ( गुणाः ) निर्गुणं प्राप्य दोषा: भवन्ति। ( यथा ) सुस्वादुतोयाः नद्यः प्रभवन्ति, ( परं ) समुद्रम् आसाद्य ( ताः ) अपेया भवन्ति।

हिन्दी अनुवाद – गुणी व्यक्तियों में गुण गुण ( ही ) होते हैं ( परन्तु ) वे ( गुण ) निर्गुणता ( गुणहीन व्यक्ति ) को प्राप्त करके दोष बन जाते हैं। ( जिस प्रकार ) नदियाँ स्वादिष्ट जल से युक्त ही ( पर्वत से ) निकलती हैं, ( परंतु ) समुद्र में पहुँच कर ( वे ) पीने योग्य नहीं रहती हैं।

Sanskrit Class 8 Chapter 1

(ख) साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः

साक्षात्पशुःपुच्छविषाणहीनः।

तृणं न खादन्नपि जीवमानः

तद्भागधेयं परमं पशूनाम्॥2॥

अन्वयः –

साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः ( जनः ) साक्षात् पुच्छविषाणहीनः पशुः तृणं न खादन् अपि ( पशुरिव ) जीवमानः ( अस्ति )। तद् पशूनां परमं भागधेयम् (अस्ति )।

हिन्दी अनुवाद – साहित्य, संगीत तथा कला-कौशल से शून्य ( व्यक्ति ) वास्तव में पूंछ व सींग से रहित पशु है, जो घास न खाता हुआ भी यदि ( पशु के समान ) जीवित है। तो यह उन पशुओं का परम् सौभाग्य है।

NCERT Class 8 Chapter 1 Subhashitani Solution

(ग) लुब्धस्य नश्यति यशः पिशुनस्य मैत्री

नष्टक्रियस्य कुलमर्थपरस्य धर्मः।

विद्याफलं व्यसनिनः कृपणस्य सौख्यं

राज्यं प्रमत्तसचिवस्य नराधिपस्य॥ 3॥

अन्वयः –

लुब्धस्य यशः, पिशुनस्य मैत्री, नष्टक्रियस्य कुलम्, अर्थपरस्य धर्मः, व्यसनिनो विद्याफलं, कृपणस्य सौख्यम्, प्रमत्तसचिवस्य नराधिपस्य राज्यं नश्यति।

हिन्दी अनुवाद – लालची ( व्यक्ति ) का यश, चुगलखोर की मित्रता, जिसके क्रिया नष्ट हो गयी हैं (अकर्मण्य ) उसका कुल, धन को अधिक महत्त्व देने वाले व्यक्ति का धर्म, बुरी लत वाले का विद्या का फल, कंजूस का सुख तथा जिसके मंत्री प्रमाद से पूर्ण हैं ऐसे राजा का राज्य नष्ट हो जाता है।

Chapter 1 Sanskrit Class 8

(घ) पीत्वा रसं तु कटुकं मधुरं समानं

माधुर्यमेव जनयेन्मधुमक्षिकासौ।

सन्तस्तथैव समसज्जनदुर्जनानां

श्रुत्वा वचः मधुरसूक्तरसं सृजन्ति॥4॥

अन्वयः –

असौ मधुमक्षिका कटुकं मधुरं ( वा ) रसं समानं पीत्वा माधुर्यम् एव जनयेत् । तथैव सन्तः समसज्जनदुर्जनानां वचः श्रुत्वा मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।

हिन्दी अनुवाद – ( जिस प्रकार ) यह मधुमक्खी कड़वे अथवा मधुर रस को समान रूप से पीकर मधुर रस ही उत्पन्न करती है। उसी प्रकार सन्त लोग सज्जन और दुष्ट लोगों के वचन को एक समान रूप से सुन कर मधुर सूक्ति रूप रस का निर्माण करते है।

Class 8 Sanskrit Chapter 1 Question Answer

(ङ) विहाय पौरुषं यो हि दैवमेवावलम्बते।

प्रासादसिंहवत् तस्य मूर्ध्नि तिष्ठन्ति वायसाः॥5॥

अन्वयः –

यः पौरुषं विहाय हि दैवम् एव अवलम्बते, तस्य मूर्ध्नि प्रासादसिंहवत् वायसाः तिष्ठन्ति।

हिन्दी अनुवाद – जो ( व्यक्ति ) परिश्रम का त्याग करके भाग्य का सहारा लेता है, उसके सिर पर महल पर स्थित सिंह के समान कौए ( ही ) बैठा करते हैं।

Sanskrit Chapter 1 Class 8

(च) पुष्पपत्रफलच्छायामूलवल्कलदारुभिः।

धन्या महीरुहाः येषां विमुखं यान्ति नार्थिनः॥6॥

अन्वयः

महीरुहाः पुष्पपत्रफलच्छायामूलवल्कलदारुभिः धन्या ( सन्ति )। येषां अर्थिनः विमुखाः न यान्ति।

हिन्दी अनुवाद – वृक्ष फूल, पत्ते, फल, छाया, जड़, छाल तथा लकड़ियों के द्वारा धन्य हैं। जिनके याचक ( कभी ) खाली हाथ नहीं जाते हैं।

Class 8 Sanskrit Chapter 1 Solution

(छ) चिन्तनीया हि विपदाम् आदावेव प्रतिक्रियाः।

न कूपखननं युक्तं प्रदीप्ते वह्निना गृहे॥7॥

अन्वयः

विपदा प्रतिक्रियाः आदौ एव हि चिन्तनीयाः। वह्निना प्रदीप्ते गृहे कूपखननं न युक्तम् ( भवति। )।

हिन्दी अनुवाद – संकटों का बचाव आरम्भ में ही सोच लेना चाहिए। घर में आग लग जाने पर कुआ खोदना उचित नहीं है।

NCERT Class 8 Sanskrit Chapter 1

Class 8 NCERT Sanskrit Ruchira Part 3 Chapter 1 Subhashitani

शब्दार्था:

गुणज्ञेषु – गुणियों में।

सुस्वादुतोयाः – स्वादिष्ट जल वाली ( नदियाँ )।

प्रभवन्ति – निकलती हैं/ उत्पन्न होती हैं।

भवन्त्यपेया: – पीने योग्य नही होती

विषाणहीनः – सींग के बिना

खादन्नपि – खाते हुए भी

जीवमानः – जिन्दा रहता हुआ

पिशुनस्य – चुगलखोर की

व्यसनिन: – बुरी लत वाले की

नराधिपस्य – राजा का/के/की

जनयेन्मधुमक्षिकासौ – यह मधुमक्खी पैदा करती / निर्माण करती हैं

Class 8th Sanskrit Chapter 1

सन्तस्तथैव – वैसे ही सज्जन

सृजन्ति – निर्माण करते हैं

दारुभिः – लकड़ियों द्वारा।

महीरुहाः – वृक्ष

वायसाः – कौए

वल्कल – पेड़ की छाल।

कूपखननं – कुआ खोदना।

वह्निना – अग्नि द्वारा

NCERT Solutions For Class 8 Sanskrit Chapter 1

अभ्यासः

1.पाठे दत्तानां पद्यानां सस्वरवाचनं कुरुत

Class 8 Chapter 1 Sanskrit

2. श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत

Sanskrit Class 8 Chapter 1 Solution

(क) समुद्रमासाद्य भवन्त्यपेयाः

(ख) श्रुत्वा वचः मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।

(ग) तद्भागधेयं  परमं  पशूनाम्।

(घ) विद्याफलं  व्यसनिनः  कृपणस्य सौख्यम्।

(ङ) पौरुषं विहाय यः दैवम् अवलम्बते

(च) चिन्तनीया हि विपदाम्  आदावेव प्रतिक्रियाः।

3. प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत-( प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए )

Class 8 Sanskrit Chapter 1 Hindi Translation

(क) व्यसनिन: किं नश्यति ?

उत्तर. विद्याफलम्।

(ख) कस्य यशः नश्यति ?

उत्तर. लुब्धस्य।

(ग) मधुमक्षिका किं जनयति ?

उत्तर. माधुर्यम्।

(घ) मधुरसूक्तरस के सृजन्ति ?

उत्तर. सन्ताः।

(ङ) अर्थिनः केभ्यः विमुखा न यान्ति।

उत्तर. महीरुहेभ्यः।

4. अधोलिखित-तद्भव-शब्दानां कृते पाठात् चित्वा संस्कृतपदानि लिखत

Sanskrit Class 8 Chapter 1 Pdf With Answers

यथा – कंजूस – कृपणः

कड़वा – कटुकम्

मधुमक्खी –  मधुमक्षिका

पूँछ – पुच्छम्

लोभी – लुब्धः

तिनका – तृणम्

5. अधोलिखितेषु वाक्येषु कर्तृपदं क्रियापदं च चित्वा लिखत

NCERT Class 8 Sanskrit Chapter 1 Solution

वाक्यानिकर्त्ताक्रिया
यथा – सन्त: मधुरसूक्तरसं सृजन्तिसन्त:सृजन्ति
(क) निर्गुणं प्राप्य भवन्ति दोषा:दोषा:भवन्ति
(ख) गुणज्ञेषु गुणा: भवन्तिगुणा:भवन्ति
(ग) मधुमक्षिका माधुर्यं जनयेत्मधुमक्षिकाजनयेत्
(घ) पिशुनस्य मैत्री यश: नाशयतिमैत्रीनाशयति
(ङ) नद्य: समुद्रमासाद्य अपेया: भवन्तिनद्य:भवन्ति
Class 8 Sanskrit Chapter 1 Question Answer

6. रेखाङ्कितानि पदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत

NCERT Sanskrit Class 8 Chapter 1

(क) गुणाः गुणज्ञेषु गुणाः भवन्ति।

प्र.  के गुणज्ञेषु गुणाः भवन्ति ?

(ख) नद्यः सुस्वादुतोयाः भवन्ति।

प्र. काः सुस्वादुतोयाः भवन्ति ?

(ग) लुब्धस्य यशः नश्यति।

प्र. कस्य यशः नश्यति ?

(घ) मधुमक्षिका माधुर्यमेव जनयति।

प्र. का माधुर्यमेव जनयति ?

(ङ) तस्य मूर्ध्नि तिष्ठन्ति वायसाः।

प्र. तस्य कस्मिन् / कुत्र तिष्ठन्ति वायसाः ?

7. उदाहरणानुसारं पदानि पृथक् कुरुत-( उदाहरण अनुसार पदों को पृथक्-पृथक् कीजिए )

Sanskrit 8th Class Chapter 1

यथा – समुद्रमासाद्य – समुद्रम् + आसाद्य

1. माधुर्यमेव – माधुर्यम् + एव

2. अल्पमेव – अल्पम् + एव

3. सर्वमेव – सर्वम् + एव

4. दैवमेव – दैवम् + एव

5. महात्मनामुक्ति: – महात्मनाम्+ उक्तिः

6. विपदामादावेव – विपदाम् + आदौ + एव

Class 8 Ka Sanskrit Chapter 1

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